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सीमा पर देश की पर रक्षा करते हुए शहीद हुआ जवान, बिहार रेजिमेंट के इस अफसर से थर थर कांपती थी चीनी सेना

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जम्मू-कश्मीर के गलवान घाटी (Galwan Valley) पोस्ट पर तैनात जयनगर थाना क्षेत्र के कोरहिया गांव निवासी इंडियन आर्मी बिहार रेजिमेंट के जूनियर कमांडिंग आफिसर 39 वर्षीय हेम शंकर प्रसाद, पिता राम चन्द्र साह देश के खातिर शहीद हो गए. स्व. प्रसाद के भाई हरि शंकर साह ने बताया कि मेरा भाई देश की सुरक्षा को लेकर जम्मू-कश्मीर के गलवान घाटी पोस्ट पर तैनात था. बीते एक जनवरी को परिजनों से मोबाइल पर संपर्क हुआ. लेकिन तीन जनवरी को आर्मी हेड क्वाटर से सूचना आयी कि आर्मी आफिसर की तबीयत अचानक खराब हो गई है. लेकिन घने कोहरे और कङाके की ठंड के कारण पोस्ट तक हेलीकॉप्टर नहीं पहुंच सका. मौसम ठीक होने पर हेलीकॉप्टर के माध्यम से ईलाज के लिए आर्मी हेडक्वार्टर ले जाया गया. बुधवार को आर्मी हेड क्वाटर से सूचना आई की कमांडिंग आफिसर की मृत्यु हो गई है. आर्मी आफिसर के नहीं रहने पर पूरा गांव में मातम छा गया है. गांव में पसरा सन्नाटा- जवान के शहादत की खबर जैसे ही गांव के लोगों के हुई पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया. वहीं आस पास के गांव के लोगों मे भी इस घटना से मातमी सन्नाटा पसरा है. गांव के लोग स्व. प्रसाद को प्...

खराब मौसम के कारण दरभंगा ऐयरपोर्ट पर हवाई सेवा हुआ ठप

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घने कोहरे-कुहासे ने दरभंगा एयरपोर्ट से हवाई उड़ान के आवागमन पर ब्रेक लगा दी है। बताते चलें कि खराब मौसम की वजह से लगातार चौथे दिन भी विमानों की आवाजाही बंद रही, जिसे लेकर यात्रियों की परेशानी साफ-तौर पर देखी गई। बता दें कि लो विजिबिलिटी के कारण एयरपोर्ट पर फ्लाइट लैंडिंग में समस्या आ रही है, इसको लेकर पहले भी कई विमानों को डायवर्ट किया गया है। वहीं बढ़ते शीतलहर के मद्देनजर समस्या फिर से गहरा गई है। ये फ्लाइट हुई डायवर्ट मौसम के कारण दरभंगा एयरपोर्ट पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गुरुवार को अहमदाबाद से दरभंगा आने वाली फ्लाइट को बीच रास्ते से लौट जाना पड़ा, तो वहीं दिल्ली से दरभंगा की फ्लाइट को वाराणसी डायवर्ट कर दिया गया‌। इसमें मुंबई से दरभंगा की फ्लाइट कोशिशों के बावजूद लैंड नहीं हो पाई, जिस वजह से उसे कोलकाता डायवर्ट करना पड़ा। बेंगलुरु से आने वाली फ्लाइट पहले ही रद्द हो चुकी थी मौसम की वजह से आगे भी हवाई सेवा प्रभावित की आशंका फ्लाइट रद्द एवं डायवर्ट होने के कारण दरभंगा से मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद जाने वाली विमान को रद्द कर दिया गया। जिससे यात्रिय...

मिथिला केर तिला संक्रांति

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मिथला में तीला-सक्रैत पावैन <><><><><><><><><><> आयु आरोग्य संतति संपत्ति रूप गुण आ स्वर्ग दैयवला इ तीला-सक्रैत पावैन सूर्य जहिया मकर राशि में प्रवेश करै छथि मनाओल जाई अछि तें अहि पावैनक एकटा नाम मकर संक्रांति सेहो अछि।मकर संक्रांति सौं सूर्यदेव उत्तरायन होई छथि आ एकतीलक जार कम होमऽ लगैये। संपूर्ण मिथिला में घरे-घर स्नान-दान पूजा-पाठ लाई-चुरलाई-तिलबा आ ब्राह्मण भोजन संगे संक्रांति मनाओल जाई अछि।आई भगवान भगवती के चुरलाई तिलबा चढाओल जाई छनि। मैथिल मिथिलानि अहिलोक आ परलोकक लेल चाउर तेबखा दालि तिलबा चुरलाई ऊनीवस्त्र कंबल आदि दान करई छथि। बहूत लोक त गोदान स्वर्ण दान भूदान सेहो करै छथि जिनका जेहन विभव आ जतेक श्रद्धा।दानपूजा  केर बाद अपना सौं छोट के तील-चाऊर खाईके लेल सेहो देल जाई अछि आ तील-चाऊर दैत काल ई पूछल जाई छैक- "तील-चाऊर बहब" तखन तील-चाऊर लेनिहार कहैत छथिन्ह- "हाँ बहब" तदुपरांत पूर्व सौं नोतल ब्राह्मण के साग्रह बजा ठाँऊ पीढी दय कतौह खिचड़ी त कतौह चूड़ा-दही परैस सप्रेम भोजन दक्षिणा सहित कराओल जा...

दरभंगा समेत सात और अन्य नये जगहों से indgio भरेगी उड़ान

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दरभंगा एयरपोर्ट पर यात्रियों को इंडिगो का बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है। फरवरी से विमानन कंपनी इंडिगो अपनी हवाई सेवा की शुरुआत कर देगी। इसको लेकर के इंडिगो ने अधिकारिक घोषणा भी कर दी है। जिसमें देश के एयरपोर्टों से इंडिगो कई महानगरों तक की एयर कनेक्टिविटी देगी। इन एयरपोर्टों में से दरभंगा, लेह, कर्नूल, आगरा बरेली समेत सात एयरपोर्ट शामिल हैं। इंडिगो की रूचि शुरु से रही है दरभंगा एयरपोर्ट में मालूम हो कि स्पाइसजेट के साथ इंडिगो ने भी उड़ान योजना के तहत दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के लिए टेंडर डाली थी, जिसमें स्पाइसजेट ने निविदा को जीतते हुए दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु को दरभंगा हवाई मार्ग से जोड़ने का निविदा प्राप्त किया था। इंडिगो की रूचि दरभंगा एयरपोर्ट के उड़ान योजना में शामिल होने से ही जगजाहिर रही है। जिसके परिणामस्वरूप इंडिगो ने दरभंगा से हवाई सेवा शुरू करने की घोषणा कर ही दी। इसको लेकर इंडिगो की टीम ने सोमवार को दरभंगा एयरपोर्ट का दौरा किया था, जहां पर हवाई सेवा शुरू करने के लिए जरूरी चीजों का मुआयना किया गया। मनमाने किराए पर कसेगी लगाम इंडिगो के दरभंगा आने से कई रूटों पर प्र...

मां सिता पर TMC सासंद का विवादित बयान । केस हुआ दर्ज

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पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी के एक वायरल वीडियो पर सियासी बवाल मच गया है. आरोप है कि वीडियो में बनर्जी ने देवी सीता को लेकर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया है. जिसके बाद हावड़ा के गोलाबारी थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई. बीजेपी नेता लॉकेट चटर्जी ने TMC सांसद के बयान पर कहा कि वह हमारी परंपरा, रामायण और महाभारत का अपमान कर रहे हैं. इसका जवाब उन्हें 2021 में मिलेगा. क्या था कल्याण बनर्जी का बयान दरअसल, वायरल वीडियो में कल्याण बनर्जी ये कहते हुए पाए गए कि, 'सीता ने भगवान राम से कहा कि अच्छा हुआ मेरा हरण रावण द्वारा किया गया था न कि उसके "चेलों" द्वारा, नहीं तो मेरा हश्र भी हाथरस जैसा होता.' बीजेपी नेता का ममता पर निशाना  वहीं, TMC सांसद के बयान पर बीजेपी नेता लॉकेट चटर्जी ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि महिला सीएम होने के बावजूद पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा रेप होते हैं. उन्हें पहले अपने राज्य को देखना चाहिए और फिर यूपी, राजस्थान या बिहार को देखना चाहिए. वहीं, बीजेपी नेता और मेघालय के पूर्व राज्यपाल तथाग...

दरभंगा से इंडिगो भी भरेगा उड़ान

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इंडिगो के अधिकारियों ने दरभंगा हवाई अड्डा का लिया जायजा  इंडिंगो विमानन कंपनी के अधिकारियों ने दरभंगा हवाई अड्ड का जायजा लिया. वहां रन- वे पर जाकर विमानों के ठहराव का अवलोकन किया. साथ ही विमान शुरू करने को लेकर अन्य जरूरी सुविधाओं का आकलन किया. जानकारी के अनुसार विमान के ठहराव में एप्रन की समस्या की चर्चा की गयी. वहीं अन्य तकनीकी कमियों को लेकर भी एयरपोर्ट आथोरिटी के अधिकारियों से विर्मश किया. अधिकारियों के अनुसार संबंधित कमियों को दूर करने के बाद इंडिगो कंपनी भी यहां से विमान सेवा शुरू कर सकती है.

कल से अहमदाबाद के अलावा दो और शहरों से दरभंगा के लिऐ भरेगा उड़ान

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दरभंगा हवाई अड्डा से कल से अहमदाबाद के लिये सीधी विमान सेवा शुरू कर दी जायेगी. इसे लेकर लोग उत्साहित नजर आ रहे हैँ. साथ ही विभागीय तैयारी भी जोड़ों पर है. वहीं अहमदाबाद के लिये पूर्व से ही बुकिंग भी शुरू हो चुकी है. यात्रियों के अनुसार अहमादाबाद के लिये 4317 रूपये लग रहे हैं. स्पाइस जेट के अनुसार बुकिंग को लेकर यात्रियों की प्रतिक्रिया अच्छी है. इसके बाद इसी माह 18 से हैदाराबाद व पुणे के लिये भी लोग हवाई सफर कर सकेगें. विमान का शेड्यूल बता दें कि 11 जनवरी को अहमदाबाद के लिये दरभंगा हवाई अड्डा से पहला विमान दोपहर 12.45 बजे टेक- ऑफ करेगा. फ्लाइट संख्या एसजी 120 यात्रियों को दो घंटा 20 मिनट बाद दोपहर 03.05 बजे अहमदाबाद पहुंचा देगी. जबकि 18 से दरभंगा हवाई अड्डा से पुणे के लिये फ्लाइस संख्या 114 सुबह 10.20 बजे रवाना होगी. यह विमान यात्रियों को दो घंटा 25 मिनट बाद दोपहर 12.45 बजे पुणे उतार देगी. वहीं हैदराबाद के लिये फ्लाइट संख्या एसजी 116 शाम 14.40 बजे यहां से उड़ेगा. जो यात्रियों को दो घंटा 10 मिनट के बाद शाम 06.50 बजे हैदराबाद पहुंचा देगा. दरभंगा हवाई अड्डा से अब तीन के बजाय छ...

दरभंगा एयरपोर्ट पर अब जल्दी ही होगा नाइट लैंडींग की सुविधा

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दरभंगा में एयरपोर्ट पर जल्द ही 24 घंटे विमानों की आवाजाही संभव हो चलेगी, जिसको लेकर पटना और भारत के कई बड़े एयरपोर्ट के तर्ज़ पर दरभंगा में भी विमानों के लिए नाइट लैंडिंग की सुविधा तैयार की जायेगी। इसके लिए एयरपोर्ट ऑथिरिटी ऑफ इंडिया ने तैयारी शुरू कर दी हैं, जिसे लेकर एएआई द्वारा टेंडर के माध्यम से रनवे एप्रोच लाइट लगाने के लिए निविदा आमंत्रित किया गया हैं। एप्रोच लाइट लगाने का कार्य इस साल ही एयरपोर्ट ऑथिरिटी ऑफ इंडिया पटना के इंजीनियरिंग इलेक्ट्रिक विभाग की ओर से जारी निविदा के तहत, दरभंगा एयरपोर्ट पर 475.58 लाख की लागत से ( जीएसटी छोड़कर) ग्राउंड लैंडिंग फैसिलिटी को चार महीने के अंदर चयनित कंपनी द्वारा तैयार किया जायेगा। बताते चले की दरभंगा एयरपोर्ट पर रनवे एप्रोच लाइट लगाने का कार्य इस साल ही पूरा कर लिया जायेगा, जिसके बाद दरभंगा में भी रात को विमानों की लैंडिग की सुविधा उपलब्ध हो जायेगी। एयरपोर्ट पर सुविधा विस्तार को लेकर सक्रिय हुई कई एजेंसियां दरभंगा में लगातार आ रही यात्रियों की बड़ी संख्या को देखते हुए, अब केंद्र सरकार और एयरपोर्ट से जुड़ी हुई कई एजेंस...

दरभंगा पहुंचा करोना वैक्सीन । आज होगा ड्राइ रन। डीएमसीएच, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरपुर व पारस हॉस्पिटल में

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प्रथम चरण में जिले के 43 स्थलों पर स्वास्थ्य विभाग व स्वास्थ्य कार्य से संबंधित कर्मियों को लगेगा टीका कोविड-19 के लिए बहुप्रतीक्षित एवं बहुचर्चित टीकाकरण कार्यक्रम के लिए शुक्रवार को जिले के तीन स्थलों पर ड्राई रन चलाया जाएगा। इसमें डीएमसीएच, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरपुर एवं पारस हॉस्पिटल का नाम शामिल हैं। ड्राई रन की तैयारी को लेकर जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में बैठक हुई। इसमें जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अमरेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि प्रथम चरण में दरभंगा के 43 स्थलों पर स्वास्थ्य विभाग व स्वास्थ्य कार्य से संबंधित कर्मियों का टीकाकरण किया जाएगा।  इनमें 22 सरकारी व 21 निजी टीकाकरण स्थल शामिल हैं। इसके लिए 22 स्थलों को कोल्ड चैन पॉइंट बनाया गया है। जिनमें सभी प्रखंड के पीएचसी, डीएमसीएच एवं तीन शहरी पीएचसी शामिल है। दूसरे चरण के टीकाकरण में बूथवार टीकाकरण किया जाएगा। इस कार्य के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रोटोकॉल बनाया गया है। इसके अनुसार कोविड-19 टीकाकरण के लिए प्रत्येक टीकाकरण स्थल पर ...

दरभंगा मे होगा रोजगार मेला

दरभंगा, 07 जनवरी, 2021 :- अवर प्रादेशिक नियोजनालय, दरभंगा के सहायक निदेशक (नियोजन) आशीष आनंद ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि 11 जनवरी 2021 को मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड द्वारा अवर प्रादेशिक नियोजनालय, दरभंगा (संयुक्त श्रम भवन, रामनगर लहेरियासराय, दरभंगा) में एक जॉब कैप्म आयोजित किया जाएगा। जॉब कैम्प में 18 से 20 वर्ष उम्र वाले अभ्यर्थी जिनकी जन्म तिथि 1 फरवरी 2001 से 1 फरवरी 2003 के बीच होगी भाग ले सकते हैं। इस जॉब के लिए अभ्यर्थी को सभी विषयों में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक से मैट्रिक उत्तीर्ण होना चाहिए और वह एनएससी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से निबंधित भी हो। जॉब कैंप में अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थी को कंपनी द्वारा 2 वर्ष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान कंपनी 13800 रुपए प्रतिमाह अभ्यर्थी को छात्रवृत्ति प्रदान करेगी। प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद उसे मैन्युफैक्चरिंग ट्रेड का दो वर्षीय डिप्लोमा प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। इसके पश्चात मारुति सुजुकी कंपनी उसे अपने एंप्लॉय के रूप में सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ नियुक्त करेगी।

दरभंगा ऐयरपोर्ट पर मिला सुविधा बढाने का निर्देश

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, डीएम व एसएसपी ने मौके का लिया जायजा, दिया निर्देश दरभंगा।  दरभंगा एयरपोर्ट पर यात्री सुविधा में बढ़ोतरी को लेकर जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस. एम. की अध्यक्षता में बैठक की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि एनएच दरभंगा-जयनगर पथ के सामान्तर में 800 फीट लम्बा एवं 20 से 25 फीट चौड़ा वाहन पार्किंग बनाया जाएगा। पार्किंग के लिए भूमि चिन्ह्ति करने का निर्देश दिया गया है। एनएच के बगल में टेम्पू स्टैण्ड बनाने के लिए अंचलाधिकारी, सदर को एवं यात्री शेड बनाने के लिए कार्यपालक अभियंता, एलएईओ-1 को तुरंत प्रस्ताव बनाकर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। एयरपोर्ट को तत्काल मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना से विधान पार्षद संजय झा द्वारा बैट्री वाला 02 ट्राई-साईकिल उपलब्ध कराया गया है, जिसका उपयोग होमगार्ड के जवान द्वारा दिव्यांग, गर्भवती महिला एवं बुजूर्ग लोगों को सड़क से हवाई अड्डा तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा। अगर यह उपयोगी सिद्ध होगा तो 10 ट्राई-साईकिल और उपलब्ध कराया जाएगा। एयर पोर्ट के पीछे सकरी की ओर एन.एच से सटे 31 एकड़ जमीन चिन्ह्ति करने का निर्देश जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को दिया गया है...

मधुबनी-सुपौल के बीच कोसी नदी पर बन रहा देश का सबसे बड़ा 13.3 KM लंबा पुल, लागत 1101 करोड़

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बिहार में गंगा, कोसी, सोन और कर्मनाशा नदी पर बनेंगे 17 नए पुल, वर्ष 2021 को बिहार के विकास के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. इस वर्ष जहां सात निश्चय योजना पार्ट-2 जमीन पर उतरेगी वहीं राज्य में गंगा, कोसी, कर्मनाशा और सोन नदी (Ganges, Kosi, Karmanasha and Son River) पर अगले चार वर्षों में 17 नए पुल बन जाएंगे. इनमें से गंगा नदी पर 13, कोसी नदी पर दो, कर्मनाशा और सोन पर एक-एक पुल शामिल हैं. इनसे जहां सड़क यातायात की सुविधा बढ़ेगी, वहीं आर्थिक और सांस्कृतिक विकास भी होगा. इन पुल परियोजनाओं में केंद्र सरकार की भागीदारी है. पथ निर्माण विभाग और एनएच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि पटना में गंगा नदी पर महात्मा गांधी सेतु का फोरलेन में फिलहाल दो लेन पर ही यातायात हो रहा है. लगभग साढ़े पांच किमी की लंबाई में अन्य दो लेन की मरम्मत की जा रही है, इसका निर्माण साल 2021 तक पूरा हो जाएगा. पुनर्निर्माण पर 1742 करोड़ रुपए की लागत आएगी. Photo : DEMO

इ हमर नव वर्ष नै

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नै चाही शुभ कामना नै हमर ई कामना नै हमर ई नव वर्ष छी नै हमर ई धर्म विशेष छी धरती आकाश  भरल कुहेस सं लोक बाग सब पड़ल जाड़  सं चिड़ै चुनमुनी नै चहचहा रहल य ध्यान सब नै किलोल कय रहल य सुर्य देव नै दर्शन देखा रहल य दिन राईत ऐक्के जेना भ रहल य किछु रंग नै किछु उमंग नै ई नव वर्ष केर कोनो ढंग नै नव वर्ष केर ई कोनो रंग नै किछु मास और इंतज़ार करु अपन मन म कनियो त विचार करु कियक नक़ल म अपन अक्ल बहाबी ई धुंध कुहासा हटय  दियौ कुहासा केर सम्राज्य हटय दियौ प्रकृति केर अपन रूप खिलय दियौ फागुन केर रंग बिखरय दियौ प्रकृति दुल्हन केर रूप धय जखन स्नेह – सुधा बरसायत शस्य – श्यामला धरती माता घर -घर खुशहाली आयत तखन चैत्र शुक्ल केर प्रथम तिथि क तखन नव वर्ष  सब मिल मनायब  आर्यावर्त केर पुण्य भूमि पर सब मिल जय गान करब युक्ति – प्रमाण सॅ स्वयंसिद्ध अपन नव वर्ष क करब प्रसिद्ध आर्वर्तय केर कीर्ति सदा  नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा अनमोल विरासत सॅ भरल अपन सब प्राणी म उमंग भरल अपन करैत सब स सरोज ई वंदना सब गोटे क देब शुभ कामना सब गोटे करब कामना #हम_सब_मिथिलावासी

जवाहरलाल नेहरू युनिवर्सिटी

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जेएनयू की एडमिशन पॉलिसी जैसी है वैसी नहीं होती तो मुझ जैसे लोअर मिडिल क्लास परिवार के छात्र का झारखंड के जादूगोड़ा से दिल्ली पहुंचना आसान नहीं होता. एडमिशन मिल भी जाता तो मैं शायद पढ़ाई का ख़र्च नहीं उठा पाता, अगर जेएनयू जैसी व्यवस्था नहीं होती. मोदी राज में कितना बदल गया है जेएनयू पहले तो कुछ फैक्ट्स हो जाएं, फिर मूल्यों की बात हो. 1. जेएनयू की स्थापना संसद के एक एक्ट से हुई थी. विज्ञापन 2. सिर्फ़ जेएनयू में ही एडमिशन की ऐसी पॉलिसी रही है जिसमें पिछड़े ज़िलों से आने वालों को इसके लिए अतिरिक्त नंबर दिए जाते हैं. मसलन, आप उड़ीसा के कालाहांडी ज़िले से हैं तो आपको पांच नंबर मिलेंगे क्योंकि वो इलाक़ा पिछड़ा है. 3. जेएनयू में ये कोशिश की जाती है कि भारत के सभी राज्यों से छात्र पढ़ने आ सकें हालांकि बिहार और उड़ीसा जैसे पिछड़े राज्यों के छात्र-छात्राओं की संख्या अधिक होती है. 4. जेएनयू संभवत पूरे भारत में सोशल साइंस के मल्टी डिसीप्लिनरी रिसर्च का एकमात्र संस्थान है. 5. यूनिवर्सिटी में अनेक विदेशी भाषाएं पढ़ाई जाती हैं, अंडर ग्रैजुएट कोर्स सिर्फ़ विदेशी भाषाओं में होते हैं, बाक़ी सारे कोर्स मा...

दरभंगा हाउस, 7,मान सिंह रोड , दिल्ली.

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न . दिल्ली के लूटियन जोन मे 1928 मे निर्मित इस सुन्दर भवन की खूबसुरती पर तब ग्रहण लग  गये  जब 1962 मे महाराजा  डा . कामेशवर  सिंह , सांसद  के आसमायिक निधन के बाद इसका केन्द्रिय सरकार  द्वारा  अधिग्रहण   कर लिया गया | कुछ वर्ष  अमेरिकन किरायेदार  के रहने के बाद IB का  मुख्यालय बनाया  गया और बाहरी  व्यक्ति के प्रवेश और तस्विर  लेने पर प्रतिबंध  लग गया . अब तो बस मानसिंह रोड से अकबर रोड को जोड़ने वाली स्ट्रीट रोड दरभंगा लेन की बोर्ड हीं दरभंगा की याद दिलाती है .  इस भवन की दूर्दशा   की  ओर  ध्यान आकृष्ट  कराते हूए  उसकी उचित  रखरखाव  हेतु  Nehchal Sandhu  , IPS and Ex Director of Intelligence  Bureau and Deputy National Security Advisior to PMO लिखते हैं : “ The arcaded verandahs had been crudely bricked up. And inside, many of the commodious rooms had been partitioned into cubby holes. The few elegantly wood-panelled rooms with...

मिथिला केर सामा

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सामा पूजा  रविदिन २९ नवम्बर २०२० क होयत। सामा चकेवा - काँच माटिक बनल मानव , पशु आ पक्षीक आकृति अगर काँच रहेत अछि तऽ सामा कहबैत अछि आ ओकरे अगर आबामे पका देल जाए तऽ चकेबा कहबैत अछि । ई पूजा कार्तिक शुक्ल द्वितीयासँ आरम्भ कए पूर्णिमा का समाप्त कएल जाइत अछि । ई सामा जाम्बवती आ कृष्णक कन्या थिकीह । शकुन्त पक्षीके रुपमे हिनक पूजा भाइक कल्याण कामनासँ महिला लोकनि करैत छथि । नव धानक शीशसँ हिनक पूजा साँझमे गीत गाबि कएल जाइत अछि । भ्रातृद्वितिया दिनसँ ई पूजा आरम्भ होइत अछि आ पूर्णिमा दिन चूड़ा - दही , गूड भोग लगा परिचारिका वर्गमे प्रसाद बाँटल जाइछ । वाटो बहिनो चौबटिया पर राखल जाइत छथि । सामाक अदला - बदली मैथिलीएमे मन्त्र पढ़ि - पढि कएल जाइत अछि । ई सब कार्य महिला लोकनि करैत छथि । रातिमे अरोस - परोसक महिला लोकनि एकत्र भय गीतनाद करैत आङनक बाहर बाड़ी आ कि चौमासाके चुगिला आ वृन्दावन जड़ाए एहि पूजाक समापन करैत छथि । भाइस सामा फोरेबाक आ जलपान देबाक विधान अछि । जहिया रातिमे पूर्णिमा पड़ेत छैक तहिये होइत अछि । ई पूजा सामा द्वारा अपन भाए साम्बकक कल्याणार्थ आरम्भ भेल । सामा गीतः...

बालदिवस की शुभकामना

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वाल दिवस  मुझे नहीं पता कि नेहरू को बच्‍चों से प्‍यार प्रधानमंत्री बनने से पहले हुआ या बाद में, लेकिन दरभंगा के महाराजा कामेश्‍वर सिंह की यात्रा पुस्तिका से पता चलता है कि उनकी हर यात्रा में बच्‍चों के लिए जगह आरक्षित होता था और बिना बच्‍चे वो यात्रा शायद ही करते थे। बच्‍चों का चयन छोटी-मोटी प्रतियोगिता के माध्‍यम से होता था। इन प्रतियोगिताओं में सामान्‍य ज्ञान और श्‍लोक से संबंधित सवाल किये जाते थे।  बच्‍चोें के प्रति स्‍नेह तो पहले से था, लेकिन अपनी गर्भवती पत्‍नी की मौत के बाद बच्‍चों के प्रति उनका स्‍नेह और बढ गया। जो बच्‍चे दुनिया नहीं देख पाते उनके लिए उन्‍होंने दरभंगा में कामेश्‍वरी प्रिया पुअर होम नामक एक अस्‍पताल और शिक्षालय खोला जहां ऐसे बच्‍चों का नि:शुल्‍क रहना, पढना और इलाज की व्‍यवस्‍था की गयी। इतना ही नहीं जब भी वो दरभंगा से बाहर जाते थे तो कोई ना कोई उपहार उन बच्‍चों के लिए और अपने उस बच्‍चे के लिए जरुर लाते थे जो इस दुनिया को नहीं देख सका। एक उपहार माधवेश्‍वर शमशान में रखने कामेश्‍वर सिंह खुद जाते थे। कहा जाता है कि युवराज जीवेश्‍वर सिंह में उनकी ज...

दास्तां बिहार के जुट मिल की

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दरभंगा - समस्तीपुर रेलखंड पर समस्तीपुर से दो किमी  पहले मुक्तापुर में 84 एकड़ रकबा में स्थित रमेश्वर जूट मिल की स्थापना 1926 में हुई थी। 1954 तक दरभंगा महाराज ने इसे चलाया। इसके बाद 76 तक मेसर्स बिरला ब्रदर्स ने चलाया। 1976 में एमपी बिरला ने इसका अधिग्रहण कर लिया। 1986 से मिल का स्वामित्व ¨वसम इंडिया के पास है। 125 करोड़ के सालाना कारोबार वाली उत्तर भारत की एकमात्र जूट मिल बिहार के लिए गौरव थी। बंद होने से पहले तक इस जूट मिल में 300 लूम चल रहे थे। इसकी अधिकृत पूंजी ५० लाख थी और प्रदत्त पूंजी करीब २६ लाख उस ज़माने में थी . इसी तरह कृषि पर आधारित एक और उद्योग इस रेल खंड के थलवाड़ा और हायाघाट के बीच रमेश्वरनगर में  ३००+एकड़ में अशोक पेपर मिल लिमिटेड  १९५६ में स्थापित हुई जिसे बाद में संयुक्त उपक्रम  के अधीन चलाया गया .बिहार सरकार ,असम सरकार और IDBI द्वारा . आज मात्र इसकी जमीन का अनुमानित  बाजार मूल्य १००० करोड़  है. इस मिल में अल्लिमाण्ड फ्रांस  की मशीन लगायी गयी थी .   थलवाड़ा स्टेशन से रमेश्वर नगर तक नैरो गेज रेल लाइन बिछी थी . ये सभी कृष...

हाले बयाँ मिथिला के चिनी मिलौ का

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बिहार चीनी के उत्पादन के लिए जाना जाता था. देश के कुल चीनी उत्पादन का 40 फ़ीसदी हिस्सा बिहार में होता था. देश की आज़ादी से पहले बिहार में 33 चीनी मिलें हुआ करती थीं लेकिन आज 28 चीनी मिलें हैं इनमें से भी सिर्फ़ 11 मिलें ऐसी हैं जो इस वक्त चालू हालत में हैं. और इनमें से भी 10 मिलों का मालिकाना हक़ प्राइवेट कंपनियों के पास है. साल 1933 से लेकर 1940 तक बिहार में चीनी मिलों की संख्या बढ़ती गई और उत्पादन भी ख़ूब बढ़ा लेकिन इसके बाद चीनी मिलों की हालत बिगड़ने लगी. इसके बाद साल 1977 से लेकर 1985 तक बिहार सरकार ने इन चीनी मिलों का अधिग्रहण शुरू किया. इस दौरान दरभंगा की सकरी चीनी मिल, रयाम मिल, लोहट मिल, पुर्णिया की बनमनखी चीनी मिल, पूर्वी चंपारण और समस्तीपुर की मिलें सरकार के पास आ गईं. साल 1997-98 के दौर में ये मिलें संभाली नहीं जा सकीं और एक के बाद एक मिलें बंद होने लगीं. दरभंगा की सकरी मिल बिहार में बंद होने वाली सबसे पहली चीनी मिल मानी जाती है. साल 1977 में जब राज्य की कर्पूरी ठाकुर सरकार ने इस मिल का अधिग्रहण किया था तो लोगों में उम्मीद जगी कि सबकुछ ठीक हो जाएगा. इ...

#अशोक_पेपरमील_दरभंगा का इतिहास और वर्तमान

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अशोक पेपर मिल की शुरुआत 1958 में दरभंगा महाराज ने की थी, इसके लिए किसानों से ज़मीन मांगी गई और बदले में उन्हें फ़ैक्ट्री लगाने के फ़ायदे बताए गए. साल 1989 में इस मिल का मालिकाना हक़ बिहार सरकार को मिला लेकिन 1990 तक बिहार सरकार ने चीज़ें अपने हाथ में नहीं लीं. इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा और कोर्ट ने इंडस्ट्रियल पॉलिसी और प्रमोशन विभाग के सचिव से अशोक पेपर मिल का रिवाइवल प्लान कोर्ट में पेश करने को कहा. साल 1996 में कोर्ट में एक ड्राफ्ट पेश किया गया और मिल के निजीकरण की सिफ़ारिश हुई, जिसे कोर्ट ने सहमति दे दी. साल 1997 में आईडीबीआई बैंक मर्चेंट बैंकर बना और अशोक पेपर मिल का सौदा मुंबई की कंपनी नुवो कैपिटल एंड फ़ाइनैंस लिमिटेड के मालिक धरम गोधा को मिल गया. इसके बाद भी मिल लगभग 6 महीने ही चल सकी और नवंबर 2003 में इसका ऑपरेशन पूरी तरह से बंद हो गया. लगभग 400 एकड़ में फैली इस फ़ैक्ट्री में आज जंगल जैसी घास फैली हुई है और ये ज़हरीले सापों का डेरा बनकर रह गया है. पास के गांव में रहने वाले महावीर यादव कहते हैं, "इतने नेता आए, देखे और चले गए लेकिन कुछ ना हुआ. अब ये ...